पीएम नरेंद्र मोदी पर मालदीव के मंत्री के अभद्र टिप्पणी पर वहाँ के मीडिया में क्या हंगामा बरपा है?

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पीएम नरेंद्र मोदी पर मालदीव के मंत्री के अभद्र टिप्पणी पर वहाँ के मीडिया में क्या हंगामा बरपा है?

मोदी लक्षद्वीप मे
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मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू जब रविवार रात चीन रवाना हो रहे थे, तब देश भारत के साथ अलग ही सोशल मीडिया की लड़ाई में उलझा हुआ था| पुराने संबंध तार तार  हो रहे थे| राष्ट्रपति के मंत्री मुंह में जैसे तलवार रखकर के हमलावर हो रहे थे | सीमा पर शांति थी पर सोशल मीडिया में जैसे आग लग गया था| खेमा बंदी हो रही थी |लोग लड़ रहे थे, बचाव कर रहे थे, उलझ रहे थे| सरकार के एक मंत्री ने शुरूआत किया और फिर बवाल मच गया|  मचता भी कैसे नहीं, जो कुछ भी हुआ वह सोच से परे था | सरकार के एक मंत्री को कभी भी इतना लापरवाह नहीं होना चाहिए | परंतु शायद मंत्री के चीन को खुश करने की जल्दी रही होगी | जैसे एक व्यक्ति माचिस की तीली जलता है दूसरा उसमें घी डालता है और फिर आग भभक उठती है, वैसा हुआ | जो कुछ हुआ वह सब सामान्य नहीं था | किसी भी मंत्री का किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष को जोकर बोलना, किसी देश का पिट्ठू बोलना, यह हैरान करने वाली बात थी| तब राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू ने सोचा भी नहीं होगा कि मामला इतना तूल ले लेगा| उनके राष्ट्रपति शासन का सबसे मुश्किल दौर अब उनके सामने आने वाला था| यह सब कुछ तब हो रहा था जब वह खुशी-खुशी अपने मंत्री मंडल के साथ चीन के दौरे पर जा रहे थे| इससे पहले वह तुर्की का दौरा कर चुके थे| हालांकि पिछले राष्ट्र अध्यक्ष, भारत के साथ सुदृढ़ संबंधों के कारण, पहले भारत का दौरा करते थे |परंतु आज माहौल बदला हुआ है |नए राष्ट्रपति चीन के सपोर्ट से बने हुए राष्ट्रपति हैं|

 

लक्षद्वीप बनाम मालदीव की बहस

पीएम मोदी ने चार जनवरी को लक्षद्वीप के दौरे की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की थीं. इन तस्वीरों को लोगों ने भी पसंद किया पर काफ़ी लोगों ने ये कहा कि अब भारतीयों को मालदीव नहीं, लक्षद्वीप जाना चाहिए. पीएम मोदी ने भी भारतीयों से लक्षद्वीप घूमकर आने की बात अपने ट्वीट में की थी. प्रधानमंत्री मोदी के उद्देश्य तो सिर्फ अपने देश की खूबसूरत पर्यटन स्थल को बढ़ावा देने का ही था| पर

पीएम मोदी की तस्वीरों पर मुइज़्ज़ू सरकार में मंत्री मरियम शिउना ने आपत्तिजनक ट्वीट कर दिया . शिउना ने पीएम मोदी को इसराइल से जोड़ते हुए निशाने पर लिया और उन्हे जोकर तक कह दिया . मालदीव के नेता मालशा शरीफ़ और महज़ूम माजिद भी भारत को घेरते हुए नज़र आए थे. ज़ाहिर रमीज़ मालदीव सीनेट के सदस्य हैं, वो सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की लक्षद्वीप वाले तस्वीरों पर लिखें ”बढ़िया क़दम है, पर हमसे मुक़ाबला करने की बात भ्रामक है. भारतीय इतने साफ़ कैसे हो सकते हैं. उनके कमरों से कभी ना जाने वाली बदबू बड़ी रुकावट है.”

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ट्वीट में एक बार भी मालदीव का जिक्र नहीं किया था परंतु पता नहीं क्यों मालदीव के नेताओं को प्रधानमंत्री मोदी का लक्षद्वीप का सैर और उसका प्रचार बुरा लग गया या उन्हें अपने अस्तित्व पर खतरा महसूस हुआ|  उन्होंने सोशल मीडिया पर कैंपेन चालू करवाया| मालदीव बहुत अच्छा है, ऐसा बताने  लगे |भारत उनकी बराबरी नहीं कर सकता, इसका एक कैंपेन चलाया गया |भारतीय मीडिया भी इसको हल्के में नहीं ले पाई| फिल्मी जगत के और कई प्रसिद्ध हस्तियों ने मालदीव सरकार को आड़े हाथों लिया¦ सोशल मीडिया पर बहस चालू हो गई| बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार, सलमान ख़ान, सचिन तेंदुलकर, श्रद्धा कपूर सरीखे लोग इस बहस में कूद पड़े|  इंटरनेट पर मालदीव को सर्च करने का 20 साल का रिकॉर्ड टूट गया | मालदीव की सरकार को अपनी गलती का एहसास हुआ| आनन-फानन  में मंत्री से ट्वीट डिलीट कराया गया| दूसरे मंत्री यह कहते हुए नजर आए कि किसी एक व्यक्ति की बात को सरकार का विचार नहीं समझना चाहिए| कुछ और लोग भी सामने आए और बिगड़ी बात को संभालने में लगे| परंतु तब तक बहुत देर हो गई थी| जो नुकसान होना था वह हो चुका था| मालदीव के खिलाफ भारतीय मीडिया में कैंपिंग चालू हो गया | मामला मोदी जी का था तो कई बड़ी हस्तियां इस कैंपेन में शामिल हो गई| प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ जो आपत्तिजनक बातें कहीं गई थी, भारतीय सरकार भी उसको हल्के में नहीं ले सकती थी| सरकार की तरफ से विरोध चालू हुआ तो मालदीव सरकार ने अपने तीन मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया| अब वहां के लोगों को यह समझ में आने लगा था कि भारत का विरोध करके उनका कुछ भला होने वाला नहीं था बल्कि उनके ही लोगों का नुकसान होने वाला था| क्योंकि पर्यटन में भारतीय ही मालदीव को सबसे बड़ा रोजगार देते हैं या नहीं मालदीव में सबसे बड़ी पर्यटकों की संख्या भारतीयों की ही होती है| मालदीव को इतना तो समझ में आने लगा है कि नए साल में एक बड़ी गलती हो गयी है और वो शायद किसी तरह से मामले को सुलझा भी ले पर जो एक दरार पड़ गई वह शायद बहुत लंबा असर छोड़ेंगी|

 

मालदीव के मीडिया मे क्या हलचल है?

मालदीव के मीडिया समूह द एडिशन की रिपोर्ट के मुताबिक़, लक्षद्वीप में टूरिजम बढ़ाने की बात करने वाले भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी के फ़ैसले पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले तीन डिप्टी मंत्रियों को मालदीव सरकार ने सस्पेंड कर दिया है.

द एडिशन की रिपोर्ट में यह लिखा गया है कि सरकार को इन गैर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए| यह भी लिखा गया कि कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है| यह भी कहा जा रहा है कि इन सब से मालदीव के पर्यटन को नुकसान हुआ है, देश की छवि खराब हुई है| भारतीय मीडिया द्वारा भारतीयों की यात्राओं को रद्द करने की बात को भी वहां के मीडिया में जगह दी जा रही है क्योंकि मालदीव में पर्यटकों की सबसे ज्यादा संख्या भारतीयों के ही होती है|

 

कितने भारतीय हर साल मालदीव जाते हैं ?

भारत में जनता उबाल पर है| ‘इज़ माय ट्रिप’ के सीईओ निशांत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिख कहा- हम अपने देश के साथ खड़े हैं और मालदीव की फ्लाइट बुकिंग हमने सस्पेंड कर दी हैं.

भारत से हर साल मालदीव बड़ी संख्या में लोग जाते हैं| हालांकि पिछले 3 सालों का अगर हम डाटा देखें तो भारतीय पर्यटकों की संख्या में हल्की कमी आई है | मालदीव जाने वालों में फिल्मी हस्तियां भी बहुत होती हैं | हालांकि बॉयकॉट मालदीव अब ट्रेड हो रहा है|

मालदीव में भारतीय पर्यटक

2021 2.91 लाख, 2022  2.41 लाख, 2023 1.93 लाख (सोर्स : भारतीय हाई कमिशन मालदीव)

 

मालदीव में कहाँ से कितने लोग आते हैं?

मालदीव के मीडिया संस्थान एवीएएस ने देश में आने वाले पर्यटकों की संख्या पर रिपोर्ट प्रकाशित की है. दिसंबर 2023 की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मालदीव आने वाले सबसे ज़्यादा पर्यटक भारतीय हैं.

इस रिपोर्ट के मुताबिक़:भारत: 2 लाख 5 हज़ार, रूस: 2 लाख 3 हज़ार, चीन: 1 लाख 85 हज़ार, यूके: 1 लाख 52 हज़ार, जर्मनी: 1 लाख 32 हज़ार, इटली: 1 लाख 11 हज़ार, अमेरिका: 73 हज़ार

 

मालदीव के पूर्व नेताओं की आपत्ति

सोलिह की पार्टी एमडीपी ने भी बयान जारी कर मुइज़्ज़ू सरकार के इन बयानों की निंदा की.

सोलिह ने कहा  ”भारत के ख़िलाफ़ मालदीव के सरकारी अधिकारियों द्वारा सोशल मीडिया पर नफ़रती भाषा इस्तेमाल किए जाने की मैं निंदा करता हूँ. भारत मालदीव का हमेशा से अच्छा दोस्त रहा है और हमारे दोनों देशों के बीच सालों पुरानी दोस्ती पर नकारात्मक असर डालने वाले इस तरह के संवेदनहीन बयान देने की हमें इजाज़त नहीं देनी चाहिए.”

सोलीह के राष्ट्रपति रहते हुए भारत और मालदीव के संबंध क़रीबी रहे थे.

मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने भी कहा था, ”मालदीव सरकार की मंत्री मरियम एक ऐसे प्रमुख सहयोगी देश के लिए भयावह भाषा बोल रही हैं, जो मालदीव की सुरक्षा और समृद्धि के लिए अहम हैं. मुइज़्ज़ू सरकार को ऐसे बयानों से दूर रहना चाहिए. साथ ही ये स्पष्ट करना चाहिए कि ये सरकार के विचार नहीं हैं.”

 

मालदीव के सोशल मीडिया पर क्या चल रहा है?

मालदीव की कई अहम हस्तियां इस मामले पर अपनी राय व्यक्त कर रही हैं. मालदीव की संसद के स्पीकर मोहम्मद असलम ने सोशल मीडिया पर लिखा, ”कुछ उप-मंत्रियों की पीएम मोदी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी मालदीव के लोगों की सोच नहीं है. भारत और मालदीव सम्मान, सहयोग साझा करते हैं, जिससे दोनों को फ़ायदा होता है. आइए इस रिश्ते को और मज़बूत करते हुए आपसी संबंध बेहतर बनाते हैं.”

अहमद अदीब मालदीव के पूर्व पर्यटन मंत्री हैं. वो सोशल मीडिया पर लिखते हैं, ”शांति, सौहार्द, सहिष्णुता और आतिथ्य सत्कार के उसूलों पर हमने मालदीव की टूरिज़्म इंडस्ट्री को बनाया. वैश्विक ब्रैन्डस और निवेश के ज़रिए हम यहां तक पहुंचे, इनमें भारत से मिले सहयोग भी शामिल हैं. तब जाकर हमें सफलता मिली और हम मालदीव को लग्ज़री रिसॉर्ट डेस्टिनेशन में बदल पाए.”

मालदीव के सांसद हुसैन साहिम कहते हैं, ”भारत हमेशा मालदीव का दोस्त और क़रीबी सहयोगी रहा है. सरकार में शीर्ष पदों पर बैठे लोगों की टिप्पणी निंदनीय है.”

निष्कर्ष यह है कि मालदीव की जनता इतना तो समझ रही है उन्होंने बारूद के ढेर पर चिंगारी फेंक दी है| अब वह कितना भी खुद को बचाएं, धमाके की जद में उन्हें आना ही है| वैसे भी प्रधानमंत्री मोदी से जो भी लड़ा है उसने अपने बर्बादी के रास्ते को ही चुना है | पाकिस्तान कनाडा उदाहरण रहे हैं| अब मालदीव ने भी शायद वही रास्ता अख्तियार कर लिया है| हमें नहीं भूलना चाहिए कि मालदीव के साथ हमारे पुराने घनिष्ठ रिश्ते रहे हैं | यह वही देश है जहां पर जब राजनीतिक संकट था तब भारत ने सैनिक हस्तक्षेप का प्रस्ताव दिया था, वहां के अमन चैन बहाली में भारत ने अपना योगदान दिया था|  आज वह देश चीन के गोद में बैठकर के भारत को आंखें दिखा रहा है| समय मालदीव को भी आंखें जरूर दिखाएगा|

 

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